पाँच परतों में छिपा है तू: जगदीश प्रसाद शर्मा की कविता में पंचकोष का भेद
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कवि जगदीश प्रसाद शर्मा द्वारा रचित हिंदी कविता "पाँच परतों में छिपा है तू" तैत्तिरीय उपनिषद में वर्णित पंचकोष की अवधारणा पर आधारित है। कविता में प्याज की परतों के रूपक के जरिए जीवन की पाँच परतों का वर्णन किया गया है।
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मूल रिपोर्ट: Amar Ujala

