शायरा फौज़िया नसीम शाद का दो-मिसरा शेर
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शायरा फौज़िया नसीम शाद का एक दो-मिसरा शेर सामने आया है। उन्होंने लिखा है, "कौन बाँट सकता है भला किसी के गम को, दर्द अपना है तो तकलीफ़ भी अपनी होगी।" इस शेर में दर्द और तकलीफ़ के अपनेपन का ज़िक्र है।
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मूल रिपोर्ट: Amar Ujala

