MP में 'सिंदूर' वाले गणेश! औरंगजेब भी नहीं तोड़ पाया मूर्ति, पुजारी की जुबानी
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Siddha Ganesh Temple Chhatarpur: भगवान गणेश की प्रतिमा को हाथी और चार बैलगाड़ियों की मदद से हरिद्वार से छतरपुर लाया गया था. इस यात्रा में तीन माह का समय लगा था. रास्ते बदल-बदलकर सफर किया गया ताकि वे मुगल सैनिकों की नजर में न आएं. मूर्ति को सफेद कपड़ों में लपेट
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मूल रिपोर्ट: News18 Hindi

