14 सितंबर हिंदी दिवस: क्यों पाकिस्तान ने हिंदी को दुश्मन की भाषा माना | Hindi Diwas Pakistan Language Policy Partition 1947 Urdu Bengali Row
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Hindi Diwas: 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान में हिंदी को किस तरह शिक्षा, साहित्य और सार्वजनिक जीवन से धीरे-धीरे बाहर किया गया, जबकि विभाजन से पहले लाहौर, रावलपिंडी, कराची और अन्य क्षेत्रों में हिंदी का मजबूत शैक्षिक एवं साहित्यिक आधार था।
सारांश
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मूल रिपोर्ट: Rajasthan Patrika

